लता मंगेशकर का जीवन परिचय। Lata Mangeshkar Biography in Hindi

आज हम लता मंगेशकर का जीवन परिचय (Lata Mangeshkar Biography in Hindi) के बारे में जानेंगे जो सबकी पसंदीदा तथा लोकप्रिय गायिका हैं। लता मंगेशकर ने अपने स्वर से सबके मन को जित लिया। तथा लता मंगेशकर को भारत की स्वर कोकिला के नाम से भी जाना जाता हैं।

लता जी ने 20 से भी अधिक भाषाओ में लगभग 30,000 से भी अधिक गाने गाये हैं। लता जी इंदौर के मराठी परिवार में जन्म लिया और सबसे बड़ी बहन थी। इन्होने अपने जीवन में इतनी ऊँची बुलंदी हासिल की, जिसे पाने के लिए संघर्ष बहुत ही कठिन था। तो चलाइये अब लता मंगेशकर का जीवन परिचय और उनके परिवार तथा कठिन संघर्ष और उपलब्धियों को थोड़ा विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

लता मंगेशकर का परिवार (Lata Mangeshkar Family in Hindi)

  • नाम :- लता मंगेशकर (हेमा)
  • जन्म :- 28 सितम्बर 1929
  • पिता :- दीनदयाल मंगेशकर
  • भाई :- हृदय नाथ
  • बहन :- मीना, आशा, उषा

लता मंगेशकर का आरंभिक जीवन (Lata Mangeshkar Biography in Hindi)

लता जी का जन्म 28 सितम्बर 1929 में इंदौर के मराठी परिवार में हुआ। इनके पिता दीनदयाल मंगेशकर रंगमंच के कलाकार व गायक थे। इनका जन्म इंदौर में हुआ तथा कुछ समय बाद पूरा परिवार महाराष्ट्र चला गया। लता मंगेशकर अपने परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी।

इनके बाद मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ महाराष्ट्र में ही जन्मे थे। लता मंगेशकर का नाम हेमा था। जिसे 5 साल बाद बदलकर लता कर दिया।

छोटी उम्र में कठिन संघर्ष

जब लता जी की उम्र 13 वर्ष की थी तब इनके पिता का निधन हो गया। परिवार की सबसे बड़ी बेटी होने के कारण पुरे परिवार की जिम्मेदारी इनके ऊपर आ गयी। लता जी को गाना पसंद था तो इसी से अपने परिवार की आर्थिक तंगी को दूर किया।

नवयुग चित्रपट फिल्म कंपनी के मालिक तथा मास्टर विनायक दामोदर कर्नाटकी ने लता जी के परिवार को इस कठिन परिस्तिथियों में संभाला और लता जी और एक सिंगर और अभिनेत्री बनाने में मदद की।

संगीत के सफर की शुरुआत

लता मंगेशकर ने अपने संगीत के सफर की शुरुआत मराठी फिल्मो से की थी, 1942 में लता जी ने मराठी फिल्म ‘किती हासिल’ में गाना गाया। इस गाने को फिल्म में शामिल नहीं किया गया। लेकिन इनकी गायिकी का सफर यहीं से शुरू हुआ।

मंगला गोर (1942), माझे बाल (1943), गज भाऊ (1944), बड़ी माँ (1945), जीवन यात्रा (1946) जैसी फिल्मो में लता मंगेशकर जी ने अपनी भूमिका अदा की हैं। 1942 में रिलीज हुई मंगला गोर में लता जी की आवाज आम जन को सुनने को मिली।

संगीत में लता जी के बढ़ते कदम (लता मंगेशकर का जीवन परिचय)

1945 में लता जी मुंबई चली गई, और वहां वे उस्ताद अमन अली खान से मिली और उन्हें अपना गुरु बना लिया। वे उस्ताद अमन अली खान से “भारतीय शास्त्रीय संगीत सिखने लगी” 1945 में फिल्म “बड़ी माँ” में गाए भजन “माता तेरे चरणों में” और 1946 में ” आपकी सेवा में” फिल्म के “पा लागूं कर जोरि” गीत से लता जी ने लोगो का ध्यान अपनी और आकर्षित किया।

अपनी शैली में गाए गीत

लता जी जब संगीत की शुरुआत कर रही थी, तब नूरजहाँ तथा शमशाद बेगम मशहूर गायिका थी। लता जी पहले इनकी शैली में ही गाया करती थी। परन्तु कुछ समय बाद इनको अहसास हुआ की अगर संगीत की दुनिया में अपना सिक्का चमकाना हैं, तो उन्हें गीत स्वयं की एक अलग शैली में गाने होंगे। इसके पश्चात लता जी ने अपनी शैली में ही गीत गाने प्रारम्भ किये।

फिल्म महल के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा

खेमचंद प्रकाश के कहने पर 1949 में फिल्म “महल” में ‘आएगा आने वाला’ गीत लता जी ने गया जिसे मधु बाला पर फिल्माया गया। इनका यह गीत सुपरहिट रहा। लता जी के बेहतरीन गीतों में इसे आज भी सुना जाता हैं। इस गीत की सफलता के बाद लता जी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

सबकी लोकप्रिय आवाज बनी – लता जी

लता जी की आवाज की मधुरता आम जन के मन को को लुभा गई। और देखते ही देखते लता मंगेशकर सर्वश्रेष्ठ गायिका बन गई। उस समय महिला गायिकाओं में कोई भी इनके आस-पास नजर नहीं आता था। और लता जी सबकी पसंदीदा लोकप्रिय आवाज बन गई।

हर गाने को लता जी की आवाज एक विशेष गाना बना देती थी। उनके गाये गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों” को सुनकर प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की आखें भी नम हो गई थी।

अपनी बुलंदी को बनाए रखा (लता मंगेशकर का जीवन परिचय)

1970 में फिल्म संगीत में गिरावट आ गई लेकिन लता जी के गाने अपनी क्वालिटी लिए होते थे। जिससे वे सफलता के शीर्ष पर बनी रहीं। इस दौर में भी इन्होने प्रेम पुजारी, हस्ते जख्म, अमर प्रेम, हीर राँझा, पाकीजा, अभिमान, आंधी, लैला-मजनू, दिल की राह, सत्यम शिवम् सुंदरम, मौसम जैसी अनेक फिल्मो में कई गीत गाए और अपनी बुलंदी को बनाये रखा।

लता जी की निम्नलिखित उपलब्धियां

  • लता मंगेशकर को भारत रत्न ख़िताब भी मिला हैं।
  • इन्हें भारत की स्वर कोकिला के नाम से नवाजा गया।
  • भारतीय सिनेमा में लता जी की पहचान एक पार्श्वगायक के रूप में रहीं हैं।
  • लता जी हमेशा नंगे पाँव गाना जाती थी।
  • लता के नाम से पुरष्कार दिए जाते हैं।
  • 1980 के बाद इन्होने फिल्मो में गाना काम कर दिया और स्टेज शो पर ध्यान देने लगी।

लता जी निन्मलिखित पुरस्कारों से नवाजा गया

1. फिल्म फेयर पुरस्कार:- (1958, 1962, 1965, 1969, 1993 और 1994)

2. राष्ट्रिय पुरस्कार :- (1978, 1975 और 1990)

3. महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिए पुरस्कार :- (1966 और 1967)

4. पदम भूषण पुरस्कार :- (1969 और 1999)

5. दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का गिनीज बुक रिकॉर्ड :- (1974)

6. दादा साहब फाल्के पुरस्कार :- (1989)

7. फिल्म फेयर का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार (1993)

8. स्क्रीन का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार :- (1996)

9. राजीव गाँधी पुरस्कार :- (1997)

10. N.T.R. पुरस्कार :- (1999)

11. जी सीने का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार :- (1999)

12. I. I. A. F का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार :- (2000)

13. स्टारडस्ट का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार :- (2001)

14. भारत रत्न :- (2001)

15. नूरजहाँ पुरस्कार :- (2001)

16. महाराष्ट्र भूषण :- (2001)

भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर के गीतों को सुनकर कभी प्रेम की भावना जगी तो कभी देशभक्ति की और कभी सीमा पर खड़े जवानो को हौसला मिला तो कभी सभी की आँखें आसुंओ से भर आई।

लता जी को गायन की कला अपने पुरखों से मिली थी। और इन्होने अपने मधुर गीतों से पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन किया। तथा उनके बाद इनके छोटे भाई-बहन ने भी इसी और अपने कदम बढ़ाये और गायकी को अपनाया।

तो ये था लता मंगेशकर का जीवन परिचय (Lata Mangeshakar Biography in Hindi) जिसमे हमने आपको लता जी के जीवन के पुरे संघर्ष और उनकी सफलताओ के बारे में विस्तार से जानकारी दी हैं। इसके साथ ही पोस्ट को सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें जिससे लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा मिल सके।

Tushar Shrimali Jivani jano के लिए Content लिखते हैं। इन्हें इतिहास और लोगों की जीवनी (Biography) जानने का शौक हैं। इसलिए लोगों की जीवनी से जुड़ी जानकारी यहाँ शेयर करते हैं।

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