1857 Ki Kranti in Hindi PDF | 1857 की क्रांति पीडीऍफ़

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1857 Ki Kranti in Hindi PDF Details

1857 Ki Kranti in Hindi PDF
PDF Title1857 Ki Kranti in Hindi PDF
Language Hindi
Category Other
PDF Size 393 KB
Total Pages 6
Download Link Available
PDF Source drishtiias.com
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1857 की क्रांति

1857 की क्रांति अंग्रेजो से आजादी प्राप्त करने के लिए किया गया प्रथम प्रयास था। इसकी शुरुआत 10 मई, 1857 को मेरठ शहर के ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के सेनिको के विद्रोह से हुई। यह विद्रोह आगे चलकर देश के कई हिस्सों में फ़ैल गया। हालाँकि यह विद्रोह आगे चलकर असफल रहा।

1857 की क्रांति को देश की स्वंतत्रता का प्रथम युद्ध माना गया है। इस विद्रोह के कई कारण रहे, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजो द्वारा भारतीयों पर किये जा रहे अत्याचारों से आजादी प्राप्त करना।

कम्पनी द्वारा राइफल के कारतूस में गाय और सूअर की चर्बी का प्रयोग किया जाता था। सिपाहियों को राइफल को लोड करने के लिए सबसे पहले कारतूस को अपने मुँह से खोलना पड़ता था। इस दौरान कई हिन्दू और मुस्लिम सिपाहियों ने इसका विरोध किया।

लॉर्ड केनिंग ने इस गलती में सुधार करने के आदेश जारी किये, लेकिन इससे पहले कई स्थानों पर इस विवाद को लेकर अशांति का माहौल फ़ैल चूका था। 1857 क्रांति के महानायक 34वी बंगाल इन्फेंट्री में तैनात मंगल सिंह ने कारतूस के विरोध में मार्च 1857 ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियो पर हमला बोल दिया।

अंत में 8 अप्रैल 1857 को स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय को फ़ासी दे गई। इसके अलावा 9 मई नयी राइफल का विरोध करने वाले सेनिको को दस वर्षो की सजा सुनाई गयी।

1857 की क्रांति के कारण

1857 की क्रांति किसी एक कारण से नहीं हुई थी। इस क्रांति की पृष्ठभूमि बहुत पहले से ही तैयार हो रही थी। भारतीय जनता धीरे-धीरे अंग्रेजो के खिलाफ होते जा रही रही थी। इस क्रांति के मुख्य कारण निम्न है –

  1. राजनैतिक कारण
  2. धार्मिक कारण
  3. तात्कालिक कारण
  4. सामाजिक कारण
  5. आर्थिक कारण
  6. सैन्य कारण

1. राजनैतिक कारण

1857 की क्रांति के राजनैतिक कारणों के अंतर्गत निम्न कारण थे –

  • बेलेजली की सहायक संधि
  • डलहौजी की हड़प निति
  • राजाओ के पेंशन व् उपाधियों की समाप्ति

2. धार्मिक कारण

  • ईसाई मिशनरियों को भारत में प्रवेश और धर्म प्रचार की अनुमति
  • धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम
  • ईसाई धर्मावलम्बियों को सरकारी नौकरी में पदोन्नति व् रियायत देना।

3. सामाजिक कारण

  • सती प्रथा का उन्मूलन – 1829 अधिनियम पारित किया गया।
  • हिन्दू – विधवा पुनर्विवाह – 1856 अधिनियम पारित किया गया।
  • नरबलि प्रथा, दास प्रथा का अंत
  • अंग्रेजी शिक्षा लागू करना
  • रंगभेद निति

4. आर्थिक कारण

  • ग्रामीण आत्मनिर्भरता को समाप्त कर दिया गया।
  • कृषि के वाणिज्यकरण ने कृषक वर्ग पर बोझ को बढ़ा दिया।

5. सैन्य कारण

  • जनरल इन लिस्टमेन्ट एक्ट
  • निःशुल्क डाक व्यवस्था को डलहौजी द्वारा समाप्त कर देना।

6. तात्कालिक कारण

  • एनफील्ड रायफल का प्रयोग, जिसके अंतर्गत चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग किया गया।
  • मंगल पांडे को फांसी

1857 की क्रांति के असफलता के मुख्य कारण

1857 की क्रांति के असफल होने के पीछे कई कारण थे, इनमे से मुख्य निम्न है –

  1. यह आंदोलन निर्धारित समय से पहले ही शुरू कर दिया गया था।
  2. अंग्रेजो के पास आधुनिक हथियार थे किन्तु हमारे पास देशी हथियार थे।
  3. अंग्रेजो की सैनिक शक्ति अधिक थी।
  4. इस आंदोलन का नेतृत्व करने वाला कोई नहीं था, जिसके कारण यह आंदोलन असफल रहा।
  5. भारत के अधिकांश राजाओ ने अंग्रजो का समर्थन किया एवं आंदोलन असफल रहा।
  6. यह आंदोलन मुख्यतः केंद्रीय संघठन के अभाव से असफल रहा।

यदि आप 1857 की क्रांति के बारे में विस्तृत रूप से जानना चाहते है तो पोस्ट में दी गयी PDF Download कर सकते है, जिसके अंतर्गत 1857 की क्रांति के होने के सभी कारण, स्वतंत्रता सेनानियों के दिए गए बलिदानो, क्रांति की असफलता आदि के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया है।

FAQs

1857 की क्रांति का मुख्य कारण क्या था?

1857 की क्रांति के कई कारण थे। इसका मुख्य कारण ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियाँ थी, जिससे आखिर में तंग आकर सब्र का बाँध टूट गया था, जिससे 1857 क्रांति नामक ज्वालामुखी फुट पड़ी थी।

सबसे पहला क्रांतिकारी कौन था?

खुदीराम बोस जो मात्र 18 वर्ष की आयु में अपने देश की स्वाधीनता के लिए फांसी पर चढ़ गए।

Conclusion :-

इस पोस्ट में 1857 Ki Kranti in Hindi PDF मुफ्त में उपलब्ध करवाई गयी है। साथ ही इस क्रांति के होने विभिन्न कारणों और इसकी असफलता के बारे में जानकारी दी गयी है। उम्मीद करते है कि 1857 की क्रांति PDF Drishti IAS Download करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई होगी।

आशा करते है कि यह पोस्ट आपकी प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हुई होगी। यदि आपको 1857 ki kranti in hindi pdf free download करने में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही हो तो कमेंट करके जरूर बताये। साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे।

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