विनेश फोगट का जीवन परिचय। Vinesh Phogat Biography in Hindi

नमस्कार, दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं उस महिला पहवान की जिसने महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की है। जहा भारत में महिलाओं के लिए कुश्ती जैसे खेलो में पहचान बनाना तो क्या खेल पाना भी नामुमकिन समझा जाता था वहीं भारत की एक बेटी विनेश फोगट ने महिलाओं के लिए नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है।

भारत में महिलाओं की कुश्ती को सबसे ज्यादा बढ़ावा फोगट परिवार ने दिया है। तो आइए जानने की कोशिश करते हैं कि फोगट परिवार के कुश्ती के खेल में क्या योगदान रहे और कैसे विनेश ने महिलाओं के लिए मिसाल कायम की है। (विनेश फोगट का जीवन परिचय)

  • नाम – विनेश फोगट
  • जन्म – 28 अगस्त 1994
  • जन्म स्थान – हरियाणा
  • पिता – राजपाल सिंह फोगट
  • माता – प्रेमलता
  • भाई – हरविंदर सिंह
  • बहन – प्रियंका फोगट
  • चचेरी बहन – बबिता कुमारी, रितु फोगट, गीता फोगट (तीनों पहलवान है)

बचपन में अंकल के घर रहना पड़ा

विनेश का जन्म 25 अगस्त 1994 में हरियाणा में हुआ। उनकी माता का नाम प्रेमलता है तथा उनके पिता का नाम राजपाल सिंह फोगट है। जब वे 9 वर्ष की थी तब उनके पिता की मृत्यु हो गई। इस कठिन परिस्थिति में उनके अंकल महावीर सिंह फोगट उन्हें अपने घर ले आए और उनकी परवरिश करने लगे। विनेश फोगट का जीवन परिचय

रेसलर्स गीता और बबिता फोगट के पिता महावीर सिंह ने अब विनेश को भी रेसलिंग के गुण सिखाने शुरू कर दिए जब महावीर सिंह उन्हें अभ्यास करवाते उस दौरान उन्हें लड़कों से रेसलिंग करनी पड़ती थी क्योंकि और कोई लड़की उस समय रेसलिंग में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती थी इतनी मुश्किलों के बावजूद विनेश ने कभी हार नहीं मानी। (विनेश फोगाट फैमिली)

विनेश फोगाट की शिक्षा

विनेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा को के सी एम सीनियर सेकेंडरी स्कूल झोजु कलां, हरियाणा से ग्रहण की। उन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई एमडीयू रोहतक, हरियाणा से पूरी की। यही विनेश को किताबें पढ़ने का भी बेहद शौक है। (विनेश फोगाट की पढ़ाई)

गांव छोड़ो या कुश्ती को

महावीर सिंह गांव में कुश्ती सिखाते थे हालांकि गांव की कोई और लड़कियां कुश्ती नहीं खेलती लेकिन महावीर अपनी बच्चियों को ही सिखाते थे। जब महावीर जी ने रेसलिंग के लिए अपनी बेटियों को आगे किया तो पूरा गांव ने उनका विरोध किया विरोध इतना बढ़ गया कि लोगों ने महावीर सिंह को कहा कि या तो गांव को छोड़ दो या कुश्ती को छोड़ो परंतु इस कठिन परीक्षा के समय महावीर ने कुश्ती न छोड़कर गाव को छोड़ना स्वीकारा।

गांव छोड़कर ना तो महावीर सिंह हारे और ना ही विनेश। दोनों ने और अभ्यास किया और जब महावीर की बेटियों ने कुश्ती में नाम कमा लिया तभी गांव वालों की सोच भी बदल गई। गीता के कॉमनवेल्थ खेलों में 2010 में स्वर्ण पदक जीत ने सबकी सोच बदल दी इसके बाद महावीर सिंह का पूरा ध्यान भी विनेश के अभ्यास पर रहा। (विनेश फोगाट कौन है)

विनेश का कुश्ती से लगाव

विनेश बेहद अच्छी कुश्ती खेलती थी और ना ही उसकी मेहनत में कोई कमी थी परंतु विनेश का लगाव कुश्ती से ज्यादा नहीं था। बचपन में जब उन्हें गांव से निकाला गया तब से ही वे कुश्ती को छोड़ना चाहती थी। विनेश फोगट का जीवन परिचय

परंतु जैसे-जैसे प्रतियोगिता जीतती रही और प्रशंसा पाती रही वैसे-वैसे कुश्ती के प्रति उनका लगाव ओर भी बढ़ता चला गया एशियाई एवं राष्ट्रमंडल रेसलिंग चैंपियनशिप में 51 किलो भार वर्ग में ब्रॉन्ज व सिल्वर मेडल अपने नाम कर सबकी नजरों में छा गई। (विनेश फोगट की जीवनी)

कुश्ती में करियर की शुरुआत

वैसे तो उन्होंने बचपन से ही कुश्ती सीखना और प्रतियोगिता में भाग लेना शुरू कर लिया परन्तु तब इन्हें कुश्ती में इतनी पहचान नहीं मिली थी। विनेश ने 19 वर्ष की उम्र में अपने कुश्ती के करियर को आगे बढ़ाया। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल में 2014 में उन्होंने कोमनवेल्थ खेल में 48 किलो भार वर्ग में महिलाओं की फ्रीस्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया और स्वर्ण पदक विजेता बनी।

विनेश ने अपने आप को रुकने नहीं दिया उन्होंने के इंचियोन एशियाई खेलों में जीत हासिल कर काश्य पदक अपने नाम किया और स्वयं को एक बेहतरीन पहलवान साबित किया। (विनेश फोगाट कुश्ती में करियर) उन्होंने इस जीत के सिलसिले को रुकने नहीं दिया और अगले ही वर्ष एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप को जीतकर रजत पदक अपने नाम किया।

विनेश ने विश्व चैंपियनशिप में 2014 में इवोना मेकोवस्को को हराया इस जीत के कारण उन्हे स्वर्ण पदक दिया गया। विनेश 48 किलो भार वर्ग की थी लेकिन उन्हें 2016 में 53 किलो भार वर्ग में भाग लेना पड़ा फिर भी उन्होंने इस कठिन मुकाबले में जीत हासिल की और काष्य पदक प्राप्त किया।

निराशा का सामना तथा ओलंपिक में स्थान

विनेश का पहला ओलंपिक क्वालीफाई मुकाबला जो कि उलान बाटोर, मंगोलिया में हुआ था। इस मुकाबले में उन्हें 400 ग्राम ज्यादा होने के कारण मुकाबले से बाहर कर दिया गया। इससे उन्हें एक बड़ी निराशा का सामना करना पड़ा इसके बाद वे ओलंपिक में खेलने के सपने को भुला चुकी थी परन्तु कुछ हफ्तों में ही वे ओलंपिक में फिर एक नए जोश के साथ लोटे।

उन्हें रियो ओलंपिक में 2016 में इस्ताबुल क्वालीफायर के लिए क्वालिफाय कर दिया गया। विनेश फोगाट प्रथम महिला रेसलर थी जिसने रियो ओलंपिक में क्वालिफाय किया इनके बाद बबीता व साक्षी ने क्वालिफाय किया परन्तु प्रथम दर्जा विनेश का था। (विनेश फोगाट रियो ओलम्पिक में)

विनेश को प्रो रेसलिंग लीग (PWL) में प्रथम संसकरण में दिल्ली वीर की टीम का कप्तान बनाया उन्होंने सभी मुकाबलों को जीत कर अपना नाम चमका दिया।

कुश्ती में जीत

“एशियन गेम्स 2018” जो कि जकार्ता में चल रहे उसमे विनेश ने 50 किलो भार वर्ग के मुकाबले में भारत की ओर से भाग लिया और सिर्फ भाग ही नहीं लिया बल्कि साथ ही एक बेहतरीन जीत भी हासिल की। उन्होंने जापान की पहलवान युकी को 6-2 से हराया और जीत हासिल कर स्वर्ण पदक जीता।

खेल के प्रारंभिक राउंड में उन्होंने 4-0 की बढ़त प्राप्त कर ली युकी ने 2 अंक हासिल किए परन्तु साथ ही विनेश ने भी 2 अंक और प्राप्त कर मुकाबले में जीत अपने नाम कर ली। भारत की प्रथम महिला मुक्केबाज बनी जिसने एशियाई खेलों में ऐसा किया और इस शानदार जीत को प्राप्त किया। विनेश फोगट का जीवन परिचय

इसके बाद सेमीफाईनल में कोरिया की पहलवान कीम के साथ मुकाबला हुआ जिसमे उन्होंने 11-0 की शानदार जीत अपने नाम की। (विनेश फोगट की जीवनी) क्वार्टर फाइनल में प्रवेष के पूर्व उन्होंने चीन की पहलवान सून यानान से मुकाबला किया तथा 8-2 से जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में चली गई।

कुश्ती के गुरु-महावीर सिंह फोगट

विनेश ने आज कुश्ती में भारत का नाम रोशन किया है इस जीत का श्रेय विनेश को पहलवानी सिखाने वाले गुरु महावीर सिंह को जाता है। महावीर सिंह एक मशहूर पहलवान है जिन्हे द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजा गया है। महावीर सिंह ने अपनी 4 बेटियों को अंतरराष्ट्रीय रेसलर बनाया जिनके नाम निम्न है -: गीता, बबीता, ऋतु और संगीता।

इसी के साथ भाई की मृत्यु के बाद अपनी भतीजी को पहलवानी की ट्रेनिंग दी। उन्होंने पहलवानी को फोगट परिवार की सभी(6) लड़कियों के रग रग में बसा दिया तथा उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और वे सारी अंतरराष्ट्रीय रेसलर बनी। (विनेश फोगट बायोग्राफी इन हिन्दी) महावीर सिंह के इस बड़े योगदान से आज महिलाओं को कुश्ती में स्थान मिला है।

फिल्म

महावीर सिंह ने अपने परिवार से 6 अंतरराष्ट्रीय रेसलर को तैयार किया। इस परिवार की सच्ची घटना पर आधारित एक फिल्म 2016 में आई जिसमें महाविर सिंह की भूमिका सुपरस्टार आमिर खान ने अदा कि है। इस फिल्म का नाम “दंगल” है। यह फिल्म लोगों को बेहद पसंद आई तथा अपने समय की प्रसिद्ध फिल्मों में गिनी गई।

विनेश फोगट की शादी

महिला पहलवान विनेश फोगट ने खरखोदा के सोमवीर राठी (Vinesh Phogat Husband) से शादी कर ली है। सोमवीर राठी पुरुष पहलवान है तथा यही उन्होंने राष्ट्रीय चैंपीयनशिप में कास्य पदक अपने नाम कर रखा है।

उनकी शादी में एक प्रमुख बात यह हुई कि उन्होंने 7 के बजाय 8 फेरे लिए और 8वे फेरे में “बेटी बचाए,बेटी पढ़ाए” का वचन लिया और सबके लिए एक नई मिसाल कायम की।

विनेश फोगट के कुछ रोचक तथ्य

✓• विनेश मशहूर पहलवान, वरिष्ठ ओलम्पिक कोच, तथा द्रोणाचार्य से पुरस्कृत हुए महावीर सिंह फोगट की भतीजी है।

✓• 2014 राष्ट्रमंडल खेल जो कि ग्लासगो में आयोजित हुए उनमें स्वर्ण पदक प्राप्त किया है।

✓• JWS स्पोर्ट्स के स्पोर्ट्स एक्सीलेंस प्रोग्राम का विनेश को साथ मिला हुआ है।

✓• वे बचपन से टेनिस खिलाड़ी बनना चाहती थी। Vinesh Phogat Biography in Hindi

✓• वे शुरुआत में कुश्ती से दूर भागने लगी। (विनेश फोगट 5 लाइन में)

पुरस्कार तथा उपलब्धियां

◆ 2013 – कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक (51 किलो भार वर्ग में)
◆ 2014 – कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक (48 किलो भार वर्ग में)
◆ 2014 – एशियन चैंपीयनशिप में कास्य पदक (48 किलो भार वर्ग में)
◆ 2016 – एशियन चैंपीयनशिप में लगातार रजत पदक तथा कस्य पदक(53किलो भार वर्ग में)
◆ 2017 – राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

तो दोस्तो आज हमने भारत में कुश्ती के खेल में महिलाओं को आगे लाने वाली विनेश फोगट का जीवन परिचय के बारे मे जाना है। कई मुश्किलों तथा परेशानियों का सामना कर उन्होंने जीत हासिल की और महिलाओं को बेहतर पहलवान बन सकने की प्रेरणा दी। आपको विनेश फोगट की जीवनी केसी लगी कमेंट कर जरूर बताएं और लाइक व शेयर जरुर करें।

Tushar Shrimali Jivani jano के लिए Content लिखते हैं। इन्हें इतिहास और लोगों की जीवनी (Biography) जानने का शौक हैं। इसलिए लोगों की जीवनी से जुड़ी जानकारी यहाँ शेयर करते हैं।

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