Radha Chalisa PDF Download Free [2024]

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको Radha Chalisa PDF मुफ्त में उपलब्ध करवाने जा रहे है, जिसे आप पोस्ट में दिए गए Download बटन पर क्लिक करके आसानी से फ्री में Download कर सकते है।

राधा रानी हिन्दू धर्म की प्रमुख देवी है। इन्हे साक्षात् विष्णु जी पत्नी लक्ष्मी जी का अवतार माना जाता है। यदि आप राधा रानी चालीसा का सच्चे मन से पाठ करते है और इनकी आरधना करते है तो आपके जीवन में तेजस्वीता आती है और घर में प्रेम भावना बनी रहती है।

इस पोस्ट में राधा चालीसा के साथ आरती का पाठ भी उपलब्ध करवाया गया है। साथ ही इस पाठ से होने वाले लाभ और इसके पाठ की सही विधि के बारे में जानकारी प्रदान की गयी है। यदि आप राधा चालीसा पाठ की सही विधि और इसके लाभ के बारे में विस्तृत रूप से जानना चाहते है तो इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़े।

Radha Chalisa PDF Details

Radha Chalisa PDF
PDF Title Radha Chalisa PDF
Language Hindi
Category Religion
Total Pages 9
PDF Size 1 MB
Download Link Available
PDF Source Instapdf.in
NOTE - Radha Chalisa PDF Free Download करने के लिए नीचे दिए गए Download बटन पर क्लिक करे। 

Radha Chalisa Lyrics in Hindi

॥ दोहा ॥

श्री राधे वृषभानुजा,भक्तनि प्राणाधार।

वृन्दावनविपिन विहारिणी,प्रणवों बारंबार॥

जैसो तैसो रावरौ,कृष्ण प्रिया सुखधाम।

चरण शरण निज दीजिये,सुन्दर सुखद ललाम॥

॥ चौपाई ॥

जय वृषभान कुँवरि श्री श्यामा।कीरति नंदिनि शोभा धामा॥

नित्य बिहारिनि श्याम अधारा।अमित मोद मंगल दातारा॥

रास विलासिनि रस विस्तारिनी।सहचरि सुभग यूथ मन भावनि॥

नित्य किशोरी राधा गोरी।श्याम प्राणधन अति जिय भोरी॥

करुणा सागर हिय उमंगिनि।ललितादिक सखियन की संगिनी॥

दिन कर कन्या कूल बिहारिनि।कृष्ण प्राण प्रिय हिय हुलसावनि॥

नित्य श्याम तुमरौ गुण गावें।राधा राधा कहि हरषावें॥

मुरली में नित नाम उचारे।तुव कारण प्रिया वृषभानु दुलारी॥

नवल किशोरी अति छवि धामा।द्युति लघु लगै कोटि रति कामा॥

गौरांगी शशि निंदक बढ़ना।सुभग चपल अनियारे नयना॥

जावक युग युग पंकज चरना।नूपुर धुनि प्रीतम मन हरना॥

संतत सहचरि सेवा करहीं।महा मोद मंगल मन भरहीं॥

रसिकन जीवन प्राण अधारा।राधा नाम सकल सुख सारा॥

अगम अगोचर नित्य स्वरूपा।ध्यान धरत निशदिन ब्रज भूपा॥

उपजेउ जासु अंश गुण खानी।कोटिन उमा रमा ब्रह्मानी॥

नित्यधाम गोलोक विहारिनी।जन रक्षक दुख दोष नसावनि॥

शिव अज मुनि सनकादिक नारद।पार न पायें शेष अरु शारद॥

राधा शुभ गुण रूप उजारी।निरखि प्रसन्न होत बनवारी॥

ब्रज जीवन धन राधा रानी।महिमा अमित न जाय बखानी॥

प्रीतम संग देई गलबाँही।बिहरत नित्य वृन्दाबन माँही॥

राधा कृष्ण कृष्ण कहैं राधा।एक रूप दोउ प्रीति अगाधा॥

श्री राधा मोहन मन हरनी।जन सुख दायक प्रफुलित बदनी॥

कोटिक रूप धरें नंद नन्दा।दर्श करन हित गोकुल चन्दा॥

रास केलि करि तुम्हें रिझावें।मान करौ जब अति दुख पावें॥

प्रफुलित होत दर्श जब पावें।विविध भाँति नित विनय सुनावें॥

वृन्दारण्य बिहारिनि श्यामा।नाम लेत पूरण सब कामा॥

कोटिन यज्ञ तपस्या करहू।विविध नेम व्रत हिय में धरहू॥

तऊ न श्याम भक्तहिं अपनावें।जब लगि राधा नाम न गावे॥

वृन्दाविपिन स्वामिनी राधा।लीला बपु तब अमित अगाधा॥

स्वयं कृष्ण पावैं नहिं पारा।और तुम्हैं को जानन हारा॥

श्री राधा रस प्रीति अभेदा।सारद गान करत नित वेदा॥

राधा त्यागि कृष्ण को भेजिहैं।ते सपनेहु जग जलधि न तरिहैं ॥

कीरति कुँवरि लाड़िली राधा।सुमिरत सकल मिटहिं भव बाधा॥

नाम अमंगल मूल नसावन।त्रिविध ताप हर हरि मन भावन॥

राधा नाम लेइ जो कोई।सहजहि दामोदर बस होई॥

राधा नाम परम सुखदाई।भजतहिं कृपा करहिं यदुराई॥

यशुमति नन्दन पीछे फिरिहैं।जो कोउ गधा नाम सुमिरिहैं॥

राम विहारिन श्यामा प्यारी।करहु कृपा बरसाने वारी॥

वृन्दावन है शरण तिहारौ।जय जय जय वृषभानु दुलारी॥

॥ दोहा ॥

श्रीराधासर्वेश्वरी ,रसिकेश्वर घनश्याम।

करहुँ निरंतर बास मैं,श्रीवृन्दावन धाम॥

राधा जी की आरती | Radha Aarti Lyrics in Hindi

आरती राधाजी की कीजै। टेक…

कृष्ण संग जो कर निवासा, कृष्ण करे जिन पर विश्वासा।

आरती वृषभानु लली की कीजै। आरती…

कृष्णचन्द्र की करी सहाई, मुंह में आनि रूप दिखाई।

उस शक्ति की आरती कीजै। आरती…

नंद पुत्र से प्रीति बढ़ाई, यमुना तट पर रास रचाई।

आरती रास रसाई की कीजै। आरती…

प्रेम राह जिनसे बतलाई, निर्गुण भक्ति नहीं अपनाई।

आरती राधाजी की कीजै। आरती…

दुनिया की जो रक्षा करती, भक्तजनों के दुख सब हरती।

आरती दु:ख हरणीजी की कीजै। आरती…

दुनिया की जो जननी कहावे, निज पुत्रों की धीर बंधावे।

आरती जगत माता की कीजै। आरती…

निज पुत्रों के काज संवारे, रनवीरा के कष्ट निवारे।

आरती विश्वमाता की कीजै।

आरती राधाजी की कीजै…।

राधा चालीसा पाठ से होने वाले लाभ

यदि आप सच्चे मन से राधा रानी की चालीसा का पाठ करते है तो आपको निम्न लाभ प्राप्त होते है –

  • राधा रानी की आरधना करने से आपको सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
  • आपको बल और विवेक की प्राप्ति होती है।
  • राधा रानी जी के आशीर्वाद से सिद्धि-बुद्धि की प्राप्ति होती है।
  • जो भक्त राधा जी की सच्चे मन से आरधना करता है, वह सदैव अपने जीवन में तरक्की करता है तथा वह तेजस्वी बनता है।
  • इनकी आरधना करने से आपके परिवार में प्रेम भावना बनी रहती है।
  • राधा जी की कृपा से आपके जीवन में आने वाली सभी प्रकार की समस्या का निवारण होता है।
  • राधा जी के आशीर्वाद के साथ आपको कान्हा का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

FAQs:- Radha Chalisa PDF

Radha Chalisa PDF मुफ्त में कैसे Download करे?

यदि आप राधा चालीसा पाठ को PDF फॉर्मेट में डाउनलोड करना चाहते है तो पोस्ट में दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करे।

राधा रानी किसका अवतार है?

राधा अथवा राधिका हिन्दू धर्म की प्रमुख देवी हैं। वह कृष्ण की प्रेमिका और संगिनी के रूप में चित्रित की जाती हैं। इस प्रकार उन्हें राधा कृष्ण के रूप में पूजा जाता हैं। पद्म पुराण के अनुसार, वह बरसाना के प्रतिष्ठित यादव राजा वृषभानु गोप की पुत्री थी एवं लक्ष्मी अवतार थीं

राधा जी की जाति क्या थी?

राधा जी गोत्र की गुर्जरी थी।

Conclusion:-

इस पोस्ट में Radha Chalisa PDF मुफ्त में उपलब्ध करवाई गयी है। साथ ही राधा चालीसा से भक्तगण को होने वाले लाभ के बारे में जानकारी प्रदान की गयी है। उम्मीद करते है कि Radha Chalisa Download करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई होगी।

आशा करते है कि यह पोस्ट आपको जरूर पसंद आयी होगी। यदि आपको Radha Chalisa Lyrics Download करने में किसी भी प्रकार की समय आ रही हो तो कमेंट करके जरूर बताये। साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे।

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